किसान ठंड से आलू को कैसे बचाएं

किसान ठंड से आलू को कैसे बचाएं

किसान ठंड (पाला/तुषार) से आलू की फसल को इन तरीकों से आसानी से बचा सकते हैं:

1. सिंचाई (हल्की सिंचाई करें)
रात में हल्की सिंचाई करने से जमीन का तापमान बढ़ा रहता है।

इससे पाला गिरने की संभावना कम हो जाती है।

खासकर ठंडी हवाओं और साफ आसमान वाली रातों में सिंचाई ज़रूर करें।
2. धुआं करना (स्मोकिंग)
खेत के किनारे पर गोबर, पुआल, सूखा पत्ता जलाकर हल्का धुआं करें। धुआं जमीन के तापमान को गिरने नहीं देता और पाला बनने से रोकता है।
3. ढकाव (मल्चिंग)
गाजर घास, सूखी घास, पुआल या प्लास्टिक मल्च बिछाने से
मिट्टी का तापमान स्थिर रहता है। इससे आलू के पौधे ठंड से सुरक्षित रहते हैं।

4. फसल पर छिड़काव
सल्फर 40–45 ग्राम + 1 लीटर पानी / 15 लीटर टंकी या पोटाश का छिड़काव (0.5% पोटैशियम सल्फेट)
इससे पौधे की सहनशीलता बढ़ती है और पाला सहन करने की क्षमता बढ़ जाती है।

5. हवा से बचाव (विंड ब्रेक)
खेत की मेड़ों पर अरहर, सरकंडा या नेपियर घास लगा कर हवा की गति कम करें।

इससे पौधों पर सीधी ठंडी हवा का असर नहीं पड़ता।
6. प्लास्टिक या नेट कवर
छोटे आलू के खेतों में लो टनल बनाकर पोलिथिन से ढक सकते हैं।

यह तापमान को 2–4°C ज्यादा गर्म रखता है।
7. समय पर गुड़ाई-निर्माण
हल्की गुड़ाई करने से मिट्टी में हवा का संचार ठीक रहता है और
ठंड से होने वाले नुकसान कम होते हैं।

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