जैविक खेती कैसे करेंó
जैविक खेती (Organic Farming) करने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका यह है कि आप रसायन-मुक्त, प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित खेती प्रणाली अपनाएँ। नीचे मैं पूरी प्रक्रिया सरल भाषा में बता रहा हूँ:
जैविक खेती कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
1.भूमि की तैयारी
खेत में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग बंद करें।
गोबर खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद (सन, ढैंचा) डालें।
मिट्टी की जांच कर pH संतुलित रखें।
जैविक खेती में soil fertility अपने-आप बढ़ती है।
2.बीज का चयन
देसी या ऑर्गेनिक प्रमाणित बीज का उपयोग करें।
बोने से पहले बीज को जीवामृत, गौमूत्र, नीमास्त्र से उपचारित करें।
3.जैविक खाद का उपयोग
मुख्य जैविक उर्वरक:
गोबर खाद / कम्पोस्ट
वर्मी कम्पोस्ट
जीवामृत (गाय का गोबर + गौमूत्र + गुड़ + बेसन + मिट्टी)
घन जीवामृत
नीम खली
तम्बाकू घोल
बोनमील, फिशमील (जैविक N-P-K स्रोत)
4. कीट व रोग नियंत्रण (बिना रसायन)
प्राकृतिक कीटनाशक:
नीमास्त्र
अग्नि अस्त्र (लहसुन + मिर्च + गौमूत्र)
ब्रह्मास्त्र (कई जड़ी-बूटियों का मिश्रण)
दूध-छाछ स्प्रे (fungus control)
तंबाकू घोल
लहसुन-मिर्च का काढ़ा
ये सब पौधों को सुरक्षित रखते हैं और उपज भी अच्छी मिलती है।
5. जल प्रबंधन
ड्रिप सिंचाई का उपयोग करें—पानी कम लगता है।
मल्चिंग (घास, भूसा, प्लास्टिक) करें—नमी बनी रहती है।
फसल चक्र (Crop Rotation) अपनाएँ
हर सीजन एक ही फसल न उगाएँ।
उदाहरण:
खरीफ – मक्का / सोयाबीन
रबी – गेहूं / चना
ग्रीष्म – मूंग / सब्जी
इससे मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है।
ग्रीन मैन्योरिंग (हरी खाद)
ढैंचा, सन, मूंग, सनई जैसी फसल काटकर मिट्टी में मिला दें।
इससे मिट्टी में नाइट्रोजन, कार्बन और जैविक पदार्थ बढ़ते हैं।
पशुधन को खेती का हिस्सा बनाएं
गौमूत्र, गोबर, गोबर-गैस इकाई, देशी गाय—all parts of organic system.
इससे लागत घटती है, खेत उपजाऊ बनता है।
प्रमाणन (Organic Certification)
अगर आप प्रोडक्ट बेचने के लिए जैविक प्रमाणन चाहते हैं:
PGS-India (सबसे आसान और मुफ्त सेल्फ-सर्टिफिकेशन)
NPOP Certification (Export Level)
मिट्टी उपजाऊ बनती है
लागत 30–50% कम
फसल की कीमत ज्यादा मिलती है
खेती लंबे समय तक टिकाऊ रहती है
स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है