पौधों में फास्फोरस की कमी को कैसे ठीक करें

https://youtube.com/@jaldegagreen5571?si=7r5HPmwZ6eMDiENNपौधों में फास्फोरस की कमी को कैसे ठीक करें

पौधों में फास्फोरस (Phosphorus) की कमी होने पर कई स्पष्ट लक्षण दिखाई देते हैं और फसल की बढ़वार रुक जाती है।

 

 फास्फोरस की कमी के लक्षण

पौधे की बढ़वार रुक जाती है

पत्तियाँ गहरी हरी, बैंगनी या लाल रंग की हो जाती हैं (खासकर नीचे की पत्तियाँ)

जड़ें कमजोर और कम विकसित होती हैं

फूल और फल कम लगते हैं

फसल देर से पकती है

उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में कमी आती है

फास्फोरस की कमी क्यों होती है

मिट्टी में फास्फोरस की मात्रा कम होना

ठंडी या बहुत अधिक अम्लीय/क्षारीय मिट्टी

लगातार एक ही फसल लेना

जैविक खाद का अभाव

 फास्फोरस की कमी कैसे दूर करें?
DAP (18:46:0) या SSP (Single Super Phosphate) का प्रयोग करें

  1. बोन मील या रॉक फॉस्फेट (जैविक खेती में)

पौधों में फास्फोरस की कमी का जैविक (Organic) उपाय नीचे आसान भाषा में दिया गया है

 फास्फोरस की कमी दूर करने के जैविक उपाय

 

 बोन मील (Bone Meal)

फास्फोरस का अच्छा जैविक स्रोत

मात्रा: 200–300 ग्राम प्रति पौधा / 200–250 किग्रा प्रति एकड़

प्रयोग: मिट्टी में मिलाकर

 रॉक फॉस्फेट

धीरे-धीरे असर करता है, लंबे समय तक लाभ

मात्रा: 150–200 किग्रा प्रति एकड़

ध्यान रखें: इसे गोबर खाद या कम्पोस्ट के साथ मिलाकर दें 

 वर्मी कम्पोस्ट

पोषक तत्वों के साथ सूक्ष्म जीव भी देता है

मात्रा: 2–3 टन प्रति एकड़

 जीवामृत / घन जीवामृत

मिट्टी के लाभकारी जीवाणु बढ़ाता है

उपयोग:

जीवामृत: 200 लीटर प्रति एकड़ (सिंचाई के साथ)

घन जीवामृत: 100–200 किग्रा प्रति एकड़

फॉस्फोरस घुलनशील जीवाणु (PSB)

मिट्टी में बंद फास्फोरस को घुलनशील बनाता है

मात्रा: 2–4 किग्रा प्रति एकड़

बीज उपचार या मिट्टी में मिलाकर

री खाद (सन, ढैंचा)

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है

फसल पलटने से फास्फोरस की उपलब्धता बढ़ती है

 जैविक खेती में खास सुझाव

मिट्टी को ज्यादा सूखा न रखें

pH संतुलन बनाए रखें

लगातार जैविक खाद का उपयोग करें

अगर आप चाहें तो मैं किसी खास फसल (सब्जी, फल, धान, गेहूं) के अनुसार पूरा जैविक पोषण चार्ट भी बना सकता हूँ। 

मिट्टी परीक्षण के अनुसार उर्वरक डालें

फास्फोरस हमेशा बुवाई के समय या जड़ों के पास दें

 

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