बोरॉन का उपयोग क्यों किया जाता है?
बोरॉन पौधों के लिए एक जरूरी माइक्रोन्यूट्रीएंट (सूक्ष्म पोषक तत्व) है। पौधे की वृद्धि, फूल, फल और जड़ों के लिए इसकी ज़रूरत होती है। इसकी कमी से फसल का उत्पादन कम हो जाता है।
कृषि में बोरॉन के मुख्य उपयोग
1. फूल और फल बनने में मदद
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बोरॉन पौधों में फूल आने और फल बनने की प्रक्रिया को तेज करता है।
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फल का आकार, गुणवत्ता और संख्या बढ़ती है।
2. पौधे की जड़ों को मजबूत बनाता है
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जड़ें अच्छी तरह से बढ़ती हैं।
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पौधा पानी और खाद को बेहतर तरीके से सोखता है।
3. पौधों में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
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बोरॉन की सही मात्रा होने पर पौधे बीमारियों का सामना बेहतर कर पाते हैं।
4. पौधे के अंदर शर्करा और पोषक तत्वों का संचरण बढ़ाता है
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पौधा अंदर से मजबूत होता है।
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पौधे में अच्छी ग्रोथ (विकास) होती है।
5. फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाता है
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फलों का आकार, रंग, मिठास और स्टोरेज समय बढ़ जाता है।
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पैदावार बढ़ती है।
बोरॉन की कमी के लक्षण (Boron Deficiency Symptoms)
अगर खेत में बोरॉन की कमी हो, तो पौधों में ये समस्याएँ दिखती हैं:
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फूल गिरना (Flower drop)
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फल न बनना / कम बनना
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पत्तियाँ छोटी, मोटी और टेढ़ी होना
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नई पत्तियों का सूख जाना
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जड़ें कमजोर होना
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गन्ना, सरसों, सब्ज़ियों में कम उत्पादन
कृषि में बोरॉन कहाँ उपयोग होता है?
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दालें
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गन्ना
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सरसों
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सब्ज़ियाँ
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फलदार पौधे (आम, केला, अंगूर, सेब आदि)
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गेहूं, मक्का